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‘घर वाले बेटा चाहते हैं तो बेटा दो…..’

March 7, 2012

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाली मीतू खुराना खुद पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन गर्भ में जुड़वां बेटी होने के कारण उन पर भी गर्भपात कराने का दबाव डाला गया.

 मीतू खुराना ने इसके बाद देश भर में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ़ मुहिम चलानी शुरू की और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना शुरू किया.

अपने इस अनुभव के बारे में उन्होंने बीबीसी के साथ बातचीत की और बताया कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कानून का सही ढंग से पालन न होना.

वे कहती हैं, “जो लोग कानून को लागू करवाने वाले हैं खुद उनका यही मानना है कि बेटों का महत्व बेटियों से ज्यादा है. वो भी ये कहते हैं कि क्या ग़लत है इसमें. इसी वजह से कानून बनने के इतने साल बाद भी इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है.”

‘घर वाले बेटा चाहते हैं तो बेटा दो…..’

One Comment leave one →
  1. Surjeet singh permalink
    April 14, 2012 3:24 am

    Bachcha girana kab apradh nahi he….

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